
उदयपुर में11 KV की बिजली लाइन में फॉल्ट ठीक करते वक्त अचानक लाइन चालू किए जाने से लाइनमैन की मौत हो गई। ब्लास्ट के साथ शरीर बुरी तरह फटकर पोल से नीचे गिर गया और एक पैर पूरी तरह से टूट गया। यह घटना डबोक थाना क्षेत्र के तुलसीदासजी की सराय में गुरुवार शाम 6:30 बजे हुई।
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सरपंच भेरूलाल गायरी ने बताया- हादसे में लाइनमैन शोकत शेख (50) की मौत हो गई, जो धुनीमाता के रहने वाले थे। लाइनमैन काम कर रहा था, तभी लाइन किसने चालू की, यह पता नहीं चल पाया है। सूचना पर मैं भी मौके पर पहुंचा, जहां दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शोकत के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी 20 साल की, उससे छोटा 15 साल का बेटा और सबसे छोटी बेटी 13 साल की है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि लाइनमैन शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ा था, लेकिन बिना क्लियरेंस के GSS से लाइन चालू कर दी गई। उन्होंने गांव के अनुभवहीन निजी व्यक्तियों को GSS में काम पर रखने का भी आरोप लगाया है।
शोकत शेख (50) के साले सलीम खान ने बताया – स्टाफ की कमी के चलते जीएसएस पर गांव के ही कुछ अनुभवहीन लोगों को बैठाया जाता है। उन्हें ही लाइन शटडाउन और चालू करने का जिम्मा दे रखा है।
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सलीम खान ने आगे कहा- मैंने कई बार ऐसा होते देखा है। एईएन और जेईएन की लापरवाही से ही मेरे जीजाजी की मौत हुई है।” उन्होंने बताया कि वे गैस वेल्डिंग गैराज में काम करते हैं। आज बिजली बार-बार बंद हो रही थी।
पोल पर चढ़ने से पहले जीजाजी ने उन्हें फोन कर पूछा था कि उनके इलाके में बिजली आ रही है या नहीं। इसके बाद वे फॉल्ट ठीक करने पोल पर चढ़े। सलीम खान ने सवाल उठाया कि अचानक जीएसएस से किसने बिजली लाइन चालू कर दी, इसका जवाब एईएन-जेईएन क्यों नहीं दे पा रहे हैं?
जेईएन बोले-पता नहीं किसने लाइन चालू की जेईएन अमरेन्द्र त्रिपाठी से पूछा गया कि लाइनमैन फॉल्ट ठीक करने के लिए शटडाउन किए जाने के बाद ही पोल पर चढ़े थे तो इस बीच लाइन किसने चालू की? इस पर वे बोले-मुझे पता नहीं है। जेईएन से ये भी पूछा गया कि मृतक के परिजनों ने निजी व्यक्तियों को जीएसएस में लगाने का आरोप लगाया है। इस पर वे बोले-मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
