राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर नगर निगम को निर्देश दिए कि सड़क पर कूड़ा फेंकने वाले लोगों पर जुर्माना लगा सकते हैं। इससे शहर साफ रखा जा सकेगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस आशुतोष कुमार की बेंच ने 21 मई को जयपुर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर ये निर्देश दिए।
अदालत ने कहा- सफाई प्रक्रिया के लिए निर्धारित शेड्यूल बनाया जाए। इसके अलावा आवासीय कॉलोनियों के पास उचित स्थानों पर आवश्यक संख्या में डस्टबिन लगाए जाएं। कोर्ट ने निगम को यह निर्देश भी दिए कि वे सफाईकर्मियों को उनके मूल काम सफाई में ही लगाएं।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता विमल चौधरी ने कोर्ट को बताया था कि नगर निगम में जितने सफाईकर्मी नियुक्त हैं, उतने कर्मचारी सफाई व्यवस्था के काम में नहीं लगे हैं। कई अपने रसूख के चलते तो कई कर्मचारियों को अधिकारियों ने अन्य कामों में लगा रखा है।
अदालत ने कहा- नगर निगम अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे नगर निगम क्षेत्र के सभी इलाकों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें। सफाई कार्य मैन्युअल और मैकेनिकल तरीके से किया जाए।
वहीं कोर्ट ने कहा- संबंधित क्षेत्र के स्थानीय जमादार का दायित्व होगा कि डस्टबिनों की नियमित सफाई करें। यदि यह पाया जाता है कि नियमित सफाई नहीं हो रही है तो संबंधित जमादार या स्वास्थ्य निरीक्षक को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
शहर के लोगों से भी की अपील
कोर्ट ने आदेश में कहा- हम जयपुर शहर के लोगों से भी आग्रह करते हैं कि वे अपनी कॉलोनियों की सफाई के लिए प्रयास करें। इसके अलावा गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) भी शहर को स्वच्छ बनाने में नगर निगम की सहायता करें।
कोर्ट ने सरकार से कहा- राजस्थान में पर्यटन इंडस्ट्री सबसे बड़ा उद्योग है। ऐसे में प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए।
