चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो प्रमुख जैसलमेर
*वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित*
*हर बूंद बचाने का संकल्प ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करेगा – *अध्यक्ष, राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग*
*हर बूंद अनमोल जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प*
जैसलमेर, 03 जून। जल संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत अब तक हुई गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा के लिए बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र नायक ने की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अभियान के तहत किए गए कार्यों एवं प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष श्री नायक ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और भविष्य की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान को गांव-ढाणी से लेकर शहरों तक जनसहभागिता के साथ प्रभावी रूप से संचालित किया जाए, ताकि जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी जनजागरूकता विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि ष्जल है तो कल हैष् केवल एक संदेश नहीं, बल्कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल संरक्षण को जनजीवन की संस्कृति का हिस्सा बनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि हर बूंद बचाने का संकल्प ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करेगा।
बैठक में अभियान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों एवं योजनाओं, अभियान, कर्मभूमि से मातृभूमि, हरियालो राजस्थान, एक पेड़ मां के नाम, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान एवं स्वच्छ भारत मिशन की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिली है।
उन्होंने अभियान में जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, महिला समूहों, युवाओं, विद्यार्थियों, स्काउट-गाइड, पुलिस, अर्धसैनिक बलों तथा ग्रामीण एवं शहरी समुदायों की सक्रिय भागीदारी निभाने का आव्हान किया, ताकि यह अभियान केवल एक निर्धारित अवधि तक सीमित न रहकर सतत जनचेतना का माध्यम बन सके।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी ने अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिलेभर में जल एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अनेक नवाचारपूर्ण एवं जनजागरूकता गतिविधियां सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं। इनमें जल संरक्षण प्रदर्शनियां, विचार संगोष्ठियां, पीपल पूजन एवं पौधरोपण, तालाबों एवं जल स्रोतों की सफाई, नालों की गाद निकासी, चारागाह विकास, जल रिचार्ज तकनीकों का प्रचार-प्रसार, वृक्षारोपण, सोख्ता गड्ढों का निर्माण, जल सेवा अभियान, प्रभात फेरियां, नो प्लास्टिक डे, बीज बैंक गतिविधियां, किसान चौपाल, लघु सिंचाई योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पौधा वितरण एवं जल गौरव सम्मान जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग मोबाइल एप एवं पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर से की गई एवं स्थानीय नवाचारों और जनसहभागिता को प्राथमिकता देकर इसे एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 25 मई से प्रारंभ होकर 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने का व्यापक प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन में लगभग 23 विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं को एकीकृत कर प्रभावी परिणाम प्राप्त किए गए हैं।
बैठक में जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, समाजसेवी सवाईसिंह गोगली, कंवराज सिंह चौहान, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू, उप पुलिस अधीक्षक रूप सिंह ईन्दा, नगरपरिषद आयुक्त लजपाल सिंह सौढ़ा, अधीक्षण अभियंता कौशल पालीवाल, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, सहायक निदेशक कमलेश्वर सिंह, उपनिदेशक महिला एवं अधिकारिता विभाग अशोक गोयल, सयुंक्त निदेशक कृषि जे.आर भाखर सहित अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
*वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित*
