चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
*जैसलमेर में 24 घंटे की वाटर हॉल गणना सफल, 2602 वन्यजीवों की दर्ज हुई उपस्थिति*
*नीलगाय 616 के आंकड़े के साथ अग्रणी, चिंकारा, मोर व मरु प्रजातियों की भी अच्छी उपस्थिति*
*वन विभाग व वन्यजीव प्रेमियों की सहभागिता से संपन्न हुई व्यवस्थित गणना*
जैसलमेर, 7 मई।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राजस्थान जयपुर के आदेशानुसार तथा मुख्य वन संरक्षक के निर्देशों की अनुपालना में वन मण्डल डी.डी.पी. जैसलमेर क्षेत्र में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर वाटर हॉल पद्धति से वन्यजीव गणना का सफल आयोजन किया गया। यह गणना 1 मई सायं 5ः00 बजे से प्रारंभ होकर 2 मई सायं 5ः00 बजे तक लगातार 24 घंटे चली।
गणना के दौरान जल स्रोतों पर वन्यजीवों की गतिविधियां विशेष रूप से देखने को मिलीं। गणकों ने चिंकारा, नीलगाय, जंगली बिल्ली, मरु बिल्ली, लोमड़ी एवं मोर सहित विभिन्न प्रजातियों को जल पीने हेतु आते हुए दर्ज किया। अनुकूल मौसम ने भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग दिया, जिससे गणकों को वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों का सजीव अवलोकन करने का अवसर मिला।
पूरी गणना प्रक्रिया की मॉनिटरिंग डी.एफ.ओ. जैसलमेर कुमार शुभम द्वारा की गई। उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि गणना के लिए 6 रेंज के अंतर्गत 28 प्रमुख जल स्त्रोतों का चयन किया गया, जहां वन विभाग के फील्ड स्टाफ एवं वन्यजीव प्रेमियों की सक्रिय भागीदारी से यह कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष की गणना में वन्यजीवों की उपस्थिति पिछले वर्ष के समकक्ष रही। विशेष रूप से नीलगाय की संख्या 616 दर्ज की गई, जबकि चिंकारा, मोर एवं साण्डा (स्पाइनी टेल्ड लिजार्ड) की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। कुल मिलाकर विभिन्न प्रजातियों के 2602 वन्यजीवों की गणना की गई।
यह गणना न केवल क्षेत्र में वन्यजीवों की स्थिति का आकलन करने में सहायक है, बल्कि भविष्य की संरक्षण योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। वन विभाग द्वारा इस प्रकार के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रयास जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
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