फलौदी

भारत-पाक सीमा पर बेजुबानों के लिए संवेदना की मिसाल
BSF चौकियों पर लगाए गए 150 परिंडे और घोंसले, जवान भी करेंगे पक्षियों की सेवा
दत्तात्रेय पुरोहित, ब्यूरो फलोदी
थार के तपते मरुस्थल और भारत-पाक सीमा की भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। सीमाजन कल्याण समिति की प्रेरणा से सीमा सुरक्षा बल (BSF) की विभिन्न चौकियों पर 150 परिंडे एवं घोंसले लगाए गए। इस पुनीत कार्य में स्वर्गीय झुंबर लाल भट्टड़ परिवार तथा श्रुति बाहेती परिवार ने सहयोग करते हुए परिंडे उपलब्ध करवाए।
सीमा सुरक्षा बल की 72वीं बटालियन के कमांडेंट एन.पी. नेगी ने इस अवसर पर कहा कि तपती बालू रेत और भीषण गर्मी में किया गया छोटा सा प्रयास भी बेजुबान पक्षियों के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि थार के मरुस्थल में तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, ऐसे में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक हो जाती है।
सीमाजन कल्याण समिति जिला फलोदी के अध्यक्ष अखेराज ने बताया कि समिति ने गर्मी के मौसम में जीव-जंतुओं की प्यास बुझाने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में कई भामाशाहों के सहयोग से भारत-पाक पश्चिमी सीमा की रायचंद वाला बीओपी सहित कस्तुरी तलाई, मोहन, हिलर वाला, आर.के. टिब्बा, विक्रम, कलाधर और नवरंगवाला जैसी सीमा चौकियों पर परिंडे और घोंसले वितरित किए गए।
असिस्टेंट कमांडेंट के.एल. भादू एवं इंस्पेक्टर जितेंद्र ने सीमाजन कल्याण समिति के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे जवानों को भी पक्षियों की सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जवान अपने खाली समय में इन परिंडों में नियमित पानी भरेंगे, जिससे बेजुबान जीवों के प्रति आत्मीयता और संवेदनशीलता का भाव मजबूत होगा।
के.एल. भादू ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सीमाजन कल्याण समिति पूर्व में भी जनसहयोग से जवानों के लिए कूलर एवं वाटर कूलर उपलब्ध करवा चुकी है। ओम खत्री (मुंबई) सहित अनेक भामाशाहों के सहयोग से किए गए इन कार्यों से सीमा पर तैनात जवानों को राहत मिली है। जवानों ने समिति और सहयोगकर्ताओं के प्रति खुशी और आभार व्यक्त किया।

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