बंगाल व तमिलनाडु में सत्ता दोहराने का दावा, एस्ट्रोलॉजर दिलीप नाहटा की भविष्यवाणी चर्चा में
शम्भू दयाल व्यास
ब्यावर, 3 मई।
राजस्थान के ब्यावर जिले के प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ दिलीप नाहटा द्वारा आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर की गई भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। नाहटा ने अपने विशेष “पोर्टेबल साइंटिफिक गुरु हस्ती भविष्यवाणी लैब” से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चुनाव परिणामों का आकलन प्रस्तुत किया है।
नाहटा के अनुसार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 4 मई 2026 को एक बार फिर डीएमके की सरकार बनने की संभावना है और एम.के. स्टालिन दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि उन्होंने इसे स्टालिन का अंतिम कार्यकाल बताया है और आने वाले वर्षों में उनके स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
वहीं असम विधानसभा चुनाव में एनडीए-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया गया है।
केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ (कांग्रेस गठबंधन) की सरकार बनने की संभावना जताई गई है।
पांडिचेरी विधानसभा चुनाव में भी एनडीए-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने का अनुमान लगाया गया है।
सबसे अधिक चर्चा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर की गई भविष्यवाणी को लेकर है। नाहटा के अनुसार राज्य में चौथी बार टीएमसी की सरकार बन सकती है और ममता बनर्जी फिर से मुख्यमंत्री बनेंगी। हालांकि इसे उनका अंतिम कार्यकाल बताया गया है। सीटों के अनुमान में उन्होंने टीएमसी को 140 से 166 सीटें और भाजपा को 97 से 117 सीटों के बीच मिलने की संभावना जताई है, जबकि अधिकतम स्थिति में भाजपा 134 सीटों तक पहुंच सकती है।
नाहटा का दावा है कि उनकी भविष्यवाणियां वैज्ञानिक गणनाओं पर आधारित होती हैं और पिछले 19 वर्षों में उनकी 400 से अधिक भविष्यवाणियां सही साबित हो चुकी हैं। उनका यह भी कहना है कि औसतन हर वर्ष उनकी 70 प्रतिशत भविष्यवाणियां सटीक रहती हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में भी नाहटा द्वारा पांच राज्यों के चुनाव परिणामों को लेकर की गई भविष्यवाणी काफी हद तक सही साबित हुई थी, जिससे उनकी विश्वसनीयता को बल मिला है।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी परिणाम कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों पर निर्भर करते हैं, फिर भी नाहटा की इस भविष्यवाणी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
