चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
सीमांत धरती के होनहारों ,मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान सपनों को मिले नए पंख
सीमित संसाधन और कठिन परिस्थितियों के बीच भी जब सपने हार नहीं मानते, तब इतिहास बनता है। ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला सीमाजन कल्याण समिति, राजस्थान की जिला फलोदी की तहसील नाचना इकाई द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में, जहां वर्ष 2025-26 के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की कक्षा 12वीं में पंचायत समिति स्तर पर विज्ञान, वाणिज्य एवं कला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह उन संघर्षों, त्याग और मेहनत का उत्सव था, जो सीमांत क्षेत्र के बच्चों ने अपने सपनों को साकार करने के लिए किए हैं। जैसे ही विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए, तालियों की गूंज और अभिभावकों की आंखों में छलकते गर्व के आंसू इस पल को और भी भावुक बना रहे थे।
समिति के तहसील मंत्री राजेन्द्र पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सीमाजन कल्याण समिति केवल सेवा का नाम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। उन्होंने बताया कि समिति सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। “इन बच्चों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो कोई भी परिस्थिति रास्ता नहीं रोक सकती,” उन्होंने भावुक शब्दों में कहा।
सम्मान समारोह में विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और सम्मान राशि देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विशेष बात यह रही कि मंच पर विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, जिनकी मेहनत, त्याग और विश्वास ने इन सपनों को उड़ान दी। कई माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे, जो इस उपलब्धि की असली कहानी बयां कर रहे थे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के ये बच्चे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं और अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष, पदाधिकारी, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों को निरंतर जारी रखने और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक योगदान देने का संकल्प लिया।
कैलाश जी ने
समारोह के अंत में वातावरण में एक ही संदेश दिया—
“जहां संघर्ष होता है, वहीं सफलता जन्म लेती है… और नाचना के इन होनहारों ने यह सच कर दिखाया है।”
समिति के तहसील मंत्री राजेन्द्र पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सीमाजन कल्याण समिति लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति, सुरक्षा जागरूकता, चिकित्सा, नशामुक्ति अभियान और युवाओं को सेना में भर्ती हेतु प्रेरित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
