चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
सेवा का हर छोटा कदम, राष्ट्र निर्माण की बड़ी नींव रखता है।”-खेताराम लीलड़
“सेवा की ठंडी छांव: सरहद पर जवान, साथ में पूरा समाज”
पोकरण जैसलमेर:
रेगिस्तान की तपती धरती पर जब सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेरता है, तब भारत-पाक सीमा पर तैनात हमारे जवान उसी गर्मी में अडिग खड़े रहकर देश की रक्षा करते हैं। ऐसे कठिन समय में जब समाज उनके साथ खड़ा नजर आता है, तो यह केवल सहायता नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक सेतु बन जाता है।
सीमा जन कल्याण समिति राजस्थान की पोकरण इकाई की प्रेरणा से समाजसेवी भावना का एक सुंदर उदाहरण देखने को मिला। श्री खेताराम लीलड़, श्री नारायण सिंह राठौड़, डॉ. पुष्पेंद्र जानी और श्री स्वरूप सिंह भाटी ने मिलकर बीएसएफ के सीओ श्री एन पी नेगी को ठंडे पानी की व्यवस्था हेतु सामग्री भेंट की।
यह छोटा सा प्रयास उस विशाल भावना का प्रतीक है, जिसमें समाज अपने रक्षकों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करता है। जब सेवा का भाव जागृत होता है, तो वह न केवल जरूरत पूरी करता है, बल्कि रिश्तों को भी मजबूत करता है।
कैलाश जी
“जहां एक ओर सरहद पर जवान अपने कर्तव्य की मिसाल बनते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज का सहयोग उनकी ताकत बन जाता है। सेवा का हर छोटा कदम, राष्ट्र निर्माण की बड़ी नींव रखता है।”
खेताराम लीलड़
यह पहल हमें याद दिलाती है कि देश केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि संवेदनाओं से भी जुड़ा होता है। जब समाज और सैनिक एक साथ खड़े होते हैं, तब हर कठिनाई छोटी लगने लगती है और राष्ट्र और भी मजबूत बनता है।
