“थाने में चोरी! पुलिस की नाक के नीचे से उड़ गई जब्त बाइक”
बाड़मेर में कानून व्यवस्था की खुली पोल — अब थाने भी नहीं सुरक्षित!
चंद्र प्रकाश पुरोहित | ब्यूरो जैसलमेर
बाड़मेर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। सदर पुलिस थाने में जब्त की गई बाइक ही चोरी हो गई, वो भी पुलिस की नाक के नीचे से। मामला तब उजागर हुआ जब कोर्ट के आदेश के बाद मालिक बाइक लेने पहुंचा और थाने में गाड़ी गायब मिली। इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी झकझोर दिया है।
19 से 23 अप्रैल के बीच थाने परिसर से गायब हुई बाइक
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, खुद ही बनी फरियादी
कोर्ट के आदेश पर लेने पहुंचे मालिक को मिला “खाली स्टैंड”
19 अप्रैल को केआई होटल के पास शराब के नशे में बाइक चला रहे दो युवकों को पुलिस ने शांति भंग में गिरफ्तार किया था। बाइक को एमवी एक्ट के तहत जब्त कर सदर थाने में खड़ा किया गया।
अगले दिन (20 अप्रैल) दोनों को एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद बाइक मालिक कोर्ट के आदेश लेकर अपनी गाड़ी लेने पहुंचा।
कोतवाली थाने से कॉन्स्टेबल रतनसिंह को बाइक लेने भेजा गया, लेकिन जब वह सदर थाने पहुंचे तो आरजे 04 एसएक्स 7199 नंबर की बाइक वहां नहीं मिली।
जांच में सामने आया कि 19 से 23 अप्रैल के बीच किसी समय चोर थाने से ही बाइक उड़ा ले गया। (तथ्य एक नजर में)
स्थान: बाड़मेर, सदर पुलिस थाना
घटना अवधि: 19 से 23 अप्रैल 2026
जब्ती: एमवी एक्ट के तहत
बाइक नंबर: RJ 04 SX 7199
“जब थाने में ही चोरी… तो जनता कहां जाए?”
क्या पुलिस थाने अब सुरक्षित नहीं रहे?
जब्त वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
क्या यह लापरवाही है या सिस्टम फेल?
“सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
“ये है बाड़मेर पुलिस का हाल — चोरों के लिए भी ‘सेफ जोन’ बना थाना!”
“अगर थाने में गाड़ी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी क्या करे?”
“ये सिर्फ चोरी नहीं, सिस्टम की नाकामी है
यह घटना सिर्फ एक बाइक चोरी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है — जहां सुरक्षा का दावा करने वाले ही खुद असुरक्षित नजर आ रहे हैं।
