चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर *श्रीमद् देवी भागवत कथा – पांचवें दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति से गुंजायमान हुआ पंडाल*
*सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मां भगवती शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और भय से मुक्ति प्रदान, कथावाचक पण्डित अरूण कृष्ण व्यास*
*जैसलमेर*
*पोकरण साघोलाई स्थित बाबा रामदेवजी के कुल गुरु साघो जी की तपोस्थली, सिद्धेश्वरी सिद्ध पीठ जय सच्चियाय माताजी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।*
*व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए कथावाचक पंडित अरुण कृष्ण व्यास जी ने देवी महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां भगवती ही सृष्टि की मूल शक्ति हैं, जो समय-समय पर अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करती हैं। उन्होंने देवी के विभिन्न स्वरूप—महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती—की महिमा का सुंदर एवं सारगर्भित वर्णन करते हुए बताया कि *सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मां भगवती शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और भय से मुक्ति प्रदान करती हैं।*
*कथा के पांचवें दिन विशेष रूप से देवी के पराक्रम और भक्तों की रक्षा से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे*।
*इस अवसर पर बीकानेर की भजन मंडली के राधेश्याम बिस्सा उर्फ विद्या महाराज द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोलक, हारमोनियम और झांझ की मधुर ध्वनि पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।*
*कथा स्थल पर आकर्षक झांकियों का भी आयोजन किया गया, जिनमें देवी के विभिन्न स्वरूपों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। पांचवें दिन मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया, जहां रंगीन रोशनी, पुष्प सज्जा और धार्मिक ध्वजों ने दिव्य वातावरण का निर्माण किया।*
*यह धार्मिक आयोजन ढाकी परिवार के प्रतिनिधि आनंद-नीता बहन के सहयोग से तथा मधु त्रिकालदर्शी गादीपति श्री जय सच्चियाय सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ, पोकरण के सानिध्य में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।*
*अंत में संदेश दिया गया कि जीवन में भक्ति, विश्वास और सकारात्मक सोच के माध्यम से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है तथा मां भगवती की कृपा से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है*।
