असहाय बच्चों एवं पक्षियों के लिए मसीहा बने ऋषि लांबा

*​नर सेवा ही नारायण सेवा: भीषण गर्मी में असहाय बच्चों और पक्षियों के लिए मसीहा बने ऋषि लांबा*

*​झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों और दिव्यांगों को पिलाया शीतल शरबत; पक्षियों के लिए बांधे परिंडे*
शम्भू दयाल व्यास
​ब्यावर 27 अप्रैल । शहर में सूर्यदेव के तीखे तेवर और प्रचंड गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसे में मानवता की मिसाल पेश करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश कॉर्डिनेटर एवं ब्यावर जिला कांग्रेस सेवादल के जिला प्रवक्ता ऋषि लांबा ने एक सराहनीय पहल की है।

*​भीषण तपिश में मिला ‘शीतलता’ का सहारा*-

​ऋषि लांबा ने अपनी टीम के साथ मिलकर क्षेत्र की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले निर्धन बच्चों और दिव्यांगों के बीच पहुँचकर उन्हें रूहअफ़ज़ा का शीतल शरबत पिलाया। तपती धूप में प्यास से व्याकुल बच्चों के चेहरों पर शरबत पीते ही जो संतोष और मुस्कान दिखी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया।

​”*असहाय की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं*”

ब्यावर इस सेवा कार्य के दौरान ऋषि लांबा ने एक अत्यंत मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा:​”ईश्वर की सच्ची इबादत और सेवा वही है जो किसी मजबूर और असहाय के काम आए। इस भीषण गर्मी में संपन्न लोग तो अपना प्रबंध कर लेते हैं, लेकिन असली परीक्षा उन मासूमों और दिव्यांगों की होती है जिनके पास संसाधनों का अभाव है। असहाय सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई दूसरी सेवा नहीं है।”

*​बेजुबानों का भी रखा ख्याल*-

​लांबा ने न केवल इंसानों बल्कि बेजुबान पक्षियों के दर्द को भी समझा। गर्मी के कारण सूखते जलस्रोतों को देखते हुए उन्होंने विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के लिए ‘परिंडे’ लगाए और नियमित रूप से उनमें पानी भरने का संकल्प लिया। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपनी छतों और बालकोनी में पक्षियों के लिए दाना-पानी जरूर रखें।

*​समाज के लिए एक प्रेरणा*-

​ब्यावर जिला कांग्रेस सेवादल के प्रवक्ता के रूप में ऋषि लांबा का यह सेवा भाव क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने उनके इस मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर इस तरह के सामाजिक सरोकार ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

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