गर्मी बढ़ने के साथ ही गोगामेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी के मटकों, जिन्हें ‘देशी फ्रिज’ भी कहा जाता है, की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। लोग फ्रिज के ठंडे पानी के बजाय प्राकृतिक रूप से ठंडा और स्वास्थ्यवर्धक पानी पीने के लिए मिट्टी के घड़ों और मटकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भीषण गर्मी के चलते स्थानीय बाजारों में मटकों, घड़ों, हांडी और पानी की बोतलों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। इन दुकानों पर विभिन्न वैरायटी के मटके उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
स्थानीय खरीददार विमला, सरोज और पूनम ने बताया कि मिट्टी के मटके का पानी स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि यह पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है। ये मटके आम लोगों के बजट में भी हैं, जिनकी कीमत आकार और डिजाइन के अनुसार 50 रुपए से लेकर 300-400 रुपए तक है।
मटकों की भारी मांग के कारण कुम्हारों के काम में तेजी आई है और उन्हें अच्छी आय होने की उम्मीद है। दुकानदार राधाकृष्ण, विकास कुमार और मलकु सिंह ने बताया कि इस बार विभिन्न वैरायटी के मटके तैयार करवाए गए हैं। इन मटकों पर नक्काशी, चित्रकारी और विभिन्न डिजाइनों में रंग-रोगन भी किया गया है।

