*ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे – न्यायिक अधिकारियों द्वारा*
*साईबर क्राईम पर चर्चाओं से विद्यार्थियों एवं आमजन में जागरूकता*
जैसलमेर 07 अप्रेल । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे मनाते हुए राज्य भर की स्कूलों में एक साथ न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के हितार्थ तथा साईबर सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं विभिन्न सामयिक समस्याओं एवं मुद्दों पर किशोरों एवं युवाओं से संवाद एवं समाधान पर पंहुचने के लिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के क्रम में जिला शिक्षा कार्यालय एवं न्यायालयों के संयुक्त तत्वावधान में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन एवं सचिव विजेन्द्र कुमार एवं समस्त पीठासीन अधिकारियों सहित प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारीगण व लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्तागण द्वारा विद्यार्थियो में साईबर क्राईम, साईबर सुरक्षा एवं साईबर फ्रॉड से बचाव के बार में विस्तार से जानकारियां प्रदान की गई। शिविरों के दौरान बालकों से इस विषय पर सवाल जवाब व संवाद किया गया। अभियान के तहत पूरे जिले भर में गाव-गांव ढाणी – ढाणी विधिक जागरूकता शिविर, आयोजित कर अभियान का जोर – शोर से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सके। इस क्रम में विद्यालयों में ’’कोर्ट वाली दीदी’’ नाम से शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई है ताकि बालक-बालिकाएं अपनी समस्याओं से विधिक सेवा प्राधिकरण को सीधे प्रेषित कर सकें एवं उचित स्तर पर उनका त्वरित निराकरण व समाधान हो सके।
आयोजित विधिक साक्षरता शिविरों में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रसारित साईबर दुरूपयोग एवं बचाव विषयक साहित्य वितरित किया गया साथ ही बालकों के कानूनी अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मुफ्त विधिक सहायता इत्यादि कानूनों विषयों के बारे में आमजन भाषा में सरल रूप से जानकारियां प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को समान अवसर तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 क में निहित भावना ’न्याय सबके लिए’ की संकल्पना को साकार करने के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इस कार्यक्रम को अपने हाथ में लेकर सम्पूर्ण राजस्थान में योजना को मिशन मोड में कार्यान्वित कर रहा है। विद्यार्थियों का पोक्सो एक्ट, बालकों के कानूनी अधिकार एवं किशोर न्याय कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
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साईबर क्राईम पर चर्चाओं से विद्यार्थियों एवं आमजन में जागरूकता
