चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो प्रमुख जैसलमेर
*वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026*
*रिचार्ज शाफ़्ट के लोकार्पण, अवलोकन, जल संरक्षण शपथ एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों का हुआ आयोजन*
जैसलमेर, राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘‘वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’’ एवं ‘‘कर्म भूमि से मातृ भूमि अभियान’’ के तहत ग्राम छोड़ पंचायत समिति जैसलमेर में भू जल विभाग द्वारा विभिन्न जनजागरूकता एवं जल संरक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सी एस आर सुज़ लोन फाउंडेशन के सहयोग से ग्राम छोड़ में निर्मित तीन रिचार्ज शाफ़्ट का लोकार्पण एवं अवलोकन किया गया। साथ ही जल संरक्षण शपथ, वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, समाजसेवी कँवराज सिंह चौहान, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया, विकास अधिकारी पंचायत समिति जैसलमेर महेश सिंह, लक्ष्मी शर्मा, निकिता मेहरा पर्यवेक्षक(मुख्यमंत्री कार्यालय) जयपुर, सुज़लोन के सी एस आर हेड किशन लाल जाखड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है एवं प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही भविष्य में जल संकट का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र जैसलमेर में पानी का प्रत्येक बूंद अमूल्य है और जल संरक्षण के पारंपरिक एवं आधुनिक उपायों को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वर्षा जल संचयन, पौधरोपण एवं जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।उन्होंने बताया की सी एस आर के सहयोग से निर्मित इन सरचनाओं से भू जल रिचार्ज के साथ गांव छोड़ में जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी l
विधायक भाटी ने कहा कि रिचार्ज शाफ़्ट जैसे कार्य भूजल स्तर सुधारने में अत्यंत उपयोगी साबित होंगे एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में प्रशासन, भूजल विभाग एवं स्थानीय ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की।
वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि रिचार्ज शाफ़्ट वर्षा जल को भूमि के भीतर पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होता है तथा जल स्रोतों का पुनर्भरण संभव हो पाता है।
डॉ. इणखिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण गतिविधियों को जनभागीदारी से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को जल बचत तकनीकों, वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक जानकारी भी दी।
इस अवसर पर समाजसेवी कँवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” जल संरक्षण की दिशा में एक जनआंदोलन बन रहा है। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सशक्त संकल्प बताया।
सुज़लोंन प्रतिनिधि ने जिले में जल सरक्षण के लिए करवाए जा रहे कार्यों की जानकारी दी l
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक श्रीमती लक्मी हनुमान राम गर्ग ने सभी का आभार जताया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अभियान के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए आमजन से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।
