वो क्यों एक चुनाव लड़कर विधानसभा छोड़कर आ गए, जनता में खड़े रहने का दम रखते
उदयपुर में गुटबाजी के 10 साल पुराने एक वीडियो के मामले में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने पूर्व विधायक पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा- वो (पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी) क्यों सिर्फ एक बार चुनाव लड़कर विधानसभा छोड़कर आ गए। टिकट देने को तैयार बैठे थे। उनको लगा होगा कि पता नहीं क्या होगा।
कटारिया ने कहा- हम जब जनता की सेवा करते हैं तो पब्लिक में खड़े रहने का दम रखते हैं। इनके दर्द कही और हैं, बता कही और रहे हैं। इस रोग का कोई इलाज नहीं, समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है।
कटारिया बोले- मेरा मूल्याकंन जनता करेगी
कटारिया ने कहा- उनकी मूल बीमारी तो वे बता सकते हैं। मैं तो खाली उनको सुन रहा हूं। वो विद्वान लोग हैं। जो भी कह रहे हैं, अच्छा ही कह रहे होंगे। उनको सालों का ज्ञान है। मेरा मूल्याकंन जनता करेगी। उनका भी जनता करेगी। मैं जब से चंड़ीगढ़ गया हूं। तब से अब तक क्या किया है। उसकी किताब दे रहा हूं।
कटारिया ने कहा- वो पूछते हैं कि आप बार-बार आ जाते हो। मैं डे टू डे जनवरी, फरवरी और मार्च का सारा कार्यक्रम लाया हूं। गारंटी से कह सकता हूं कि मैं जितना प्रवास चड़ीगढ़ करता, जितना पब्लिक से मिलता हूं। पब्लिक के काम करता हूं। आप डायरेक्टरी उठाना और 20 लोगों को फोन कर पूछना। मुझे छोटा बच्चा भी पहचानता है। 5-5 साल राज्यपाल रहने के बाद भी लोग पूछे तो याद नहीं आता है कि राज्यपाल कौन है।
राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्टी पर उन्होंने कहा- इसका जवाब आप अच्छे से दे सकते हैं। मैं कोई आज से यहां नहीं रहता हूं। 40-50 साल से यही हूं। 50 साल में कुछ किया ही होगा। क्योकि 50 साल तक जनता ने मुझे इस क्षेत्र में जिंदा रखा है। बिना उनकी मेहरबानी तो जिंदा नहीं रह सकता हूं। न मेरे पास कोई प्रोपर्टी है। न बड़े घर से पैदा हुआ हूं। सामान्य व्यक्ति हूं।
मेरी कुछ कमियां निकली होंगी। लेकिन मेरे कोई दाग नहीं लगा सका। न मैं गलत काम में इंवॉल्व हुआ हूं और जो इंवॉल्व हुआ, वो मेरी आंखो से उतर जाता है।
कमेंटबाजी पर कहा- कुछ सीरियस नहीं लिया
कटारिया ने पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी द्वारा सोशल मीडिया पर कमेंटबाजी और उनके समर्थक नेता द्वारा पत्र लिखने पर कहा- कुछ सीरियस नहीं लिया है। आप लोग विद्वान हैं। इस सारी जानकारी की किताब दे रहा हूं। उन विद्वानों को भी पहुंचा देना। ताकि उन्हें भी समझ आए। मैं किसी की तोहिन नहीं करना चाहता हूं। वो अपने जीवन का एक साल का चार्ट निकाल लें।
आज की स्थिति में उदयपुर भाजपा के हाल पर कटारिया कहा- इस बारे में बोलने का मेरा अधिकार नहीं है। मैं जिस संवैधानिक पद पर हूं। उसमें आपको पार्टी लाइन की एक लाइन भी अलग दिखे तो बताओ। जैसे पार्टी ने तैयार किया, वैसे काम किया है। मै यहां से 11 बार चुनाव लड़ा, 9 बार जीता हूं।
कटारिया ने कहा- जब जिंदा रहूंगा, तब तक मेरे प्रेम में कोई कमी नहीं आएगी। मेरा पद तो साल-दो साल रहेगा। उसके बाद भी मैं उदयपुर में रहूंगा। उस समय पर भी मेरा काम देखकर उनको बता देना।
कटारिया ने पूर्व विधायक के मामले पर कहा- मैं किसी का विरोध नहीं करता हूं। पर तकलीफ क्या है, वो बताए। उसका सुधार करेंगे। चुनाव हारना-जितना होता रहता है। हिम्मत नहीं करना और मैदान छोड़ देना। यह कहां शोभा देता है। हारना तो संभव है। हम भी इंदिरा गांधी के जमाने में 1100 वोटों से हार गए थे।

