Jaisalmer

चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं, जागरूक नागरिक बनें – जिला कलक्टर*
*24 अप्रैल को मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट का पूर्वाभ्यास,*
*आपदा से निपटने की तैयारियों का होगा व्यापक परीक्षण*
जैसलमेर, 23 अप्रैल। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि 24 अप्रैल (शुक्रवार) को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट पूर्वाभ्यास के दौरान किसी प्रकार का पैनिक न करें, बल्कि जिम्मेदार नागरिक की तरह सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार होने वाला यह अभ्यास केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासन, पुलिस, नागरिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की तत्परता और समन्वय की भी परख की जाएगी। यह अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
जिला कलक्टर जोरवाल ने कहा कि इस दौरान हॉटलाइन एवं रेडियो संचार, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, ब्लैकआउट व्यवस्था, चिकित्सा, अग्निशमन एवं रसद सेवाओं का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों से इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि वे आपदा के समय समाज के सशक्त सहयोगी बन सकें।
*ब्लैकआउट के दौरान रखें विशेष सावधानी*
जिला कलक्टर जोरवाल ने बताया कि अभ्यास के तहत 5 मिनट का सायरन हवाई हमले के संकेत के रूप में बजेगा। सायरन बजते ही सभी नागरिक अपने घरों एवं आसपास की सभी प्रकार की लाइटें – बिजली, इनवर्टर, जनरेटर, मोबाइल टॉर्च, वाहन लाइट, रोड लाइट, हाईमास्ट एवं हाईवे लाइट तुरंत बंद कर दें।
उन्होंने बताया कि जब तक 2 मिनट का “ऑल क्लियर” सायरन नहीं बजता, तब तक कोई भी लाइट चालू न करें। ब्लैकआउट की कुल अवधि लगभग 15 मिनट रहेगी।
जिला कलक्टर ने अपील करते हुए कहा कि यह अभ्यास किसी भी प्रकार की वास्तविक आपदा नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी नागरिक इसे सीखने और जागरूक बनने के अवसर के रूप में लें एवं अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जिले को आपदा प्रबंधन में सशक्त बनाने में सहयोग करें।

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