जैसलमेर

चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
*हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के संकल्प को दे नई गति*
*जिला कलक्टर ने की जेजेएम की व्यापक समीक्षा*
*वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर मंथन, एफएचटीसी लक्ष्यों की प्रगति की *गहन समीक्षा*
*विद्यालयों, आंगनवाड़ी व स्वास्थ्य केन्द्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश*
जैसलमेर, 6 मई। जिले में जल आपूर्ति एवं जल संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की वित्तीय वर्ष 2026-27 की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल प्रबंधन, पेयजल उपलब्धता एवं भूजल संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना पर गहन चर्चा करते हुए माहवार फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) के निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध अब तक की उपलब्धियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत भवनों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में अब तक किये गए जल कनेक्शन की विस्तार से समीक्षा की एवं शेष रहे संस्थानों में भी समय पर जल कनेक्शन करवाने की कार्यवाही के निर्देश दिये एवं साथ ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
जिला कलक्टर ने जलदाय विभाग के साथ ही प्रोजेक्ट के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वृत परियोजनाओं एवं ओटीएमपी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यो को पूरी गुणवता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिये ताकि जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो व लोगों को घर-घर जल कनेक्शन का लाभ मिले।
बैठक में जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और इसके लिए टीम भावना के साथ अधिकारी जलजीवन मिशन में कार्य करे।
बैठक में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सचिव एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वृत जैसलमेर के अधीक्षण अभियंता कैलाश चंद मीणा ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों एवं आगामी रणनीति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 65 हजार 755 घरों में जल कनेक्शन कर दिया गया है। उन्होंनें वर्ष 2026-27 की घर-घर जल कनेक्शन की कार्य योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी, अधीक्षण अभियंता प्रोजेक्ट राजेश अग्रवाल, जलदाय विभाग के अभियंता जैराराम, निरंजन मीणा, रामनिवास रैगर, प्रेमाराम, भूजल वैज्ञानिक डॉ एन.डी इणखया के साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, वन विभाग के अधिकारी कभी उपस्थित रहे।
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