जैसलमेर

चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर
सरहद पर सजग रहना ही राष्ट्र रक्षा का पहला धर्म — लीलड़
नाचना में सीमाजन कल्याण समिति का विराट कार्यकर्ता सम्मेलन, हिंदू युवाओं से राष्ट्र सुरक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान
अखेराज ब्यूरो चीफ, फलोदी/बाप
सीमावर्ती इलाके की रेत रविवार को राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठी, जब नाचना के आदर्श विद्या मंदिर में सीमाजन कल्याण समिति, राजस्थान की नाचना तहसील का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्र में राष्ट्र सुरक्षा, हिंदू समाज की सजगता और सामाजिक एकता का बड़ा संदेश बनकर उभरा।
सम्मेलन में 6 शक्ति केंद्रों के 30 गांवों से पहुंचे 48 कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों पर मंथन किया। कार्यक्रम के दौरान “राष्ट्र प्रथम” और “सीमा सुरक्षित तो देश सुरक्षित” का संकल्प बार-बार गूंजता रहा।
प्रांत महामंत्री खेताराम लीलड़ ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में बसे हिंदू जनमानस को हर समय सजग रहने की आवश्यकता है। पड़ोसी मुल्क की नापाक गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार और मजदूरी के बहाने सीमा क्षेत्र में आने वाले बाहरी लोगों पर नजर रखना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
लीलड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सीमा क्षेत्र का हर युवा केवल गांव का निवासी नहीं, बल्कि राष्ट्र सुरक्षा का प्रहरी है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े खतरे को जन्म दे सकती है।
जिला उपाध्यक्ष नारायण सिंह ने सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती “लैंड जेहाद” जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर अशांति फैलाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं की मजबूत टोली तैयार करना समय की मांग है।
जिला मंत्री संतोष पालीवाल ने ग्राम सुरक्षा समितियों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि गांवों के युवाओं को संगठित कर उन्हें देश के वर्तमान हालात और सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर हिंदू युवा के मन में “राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि” का भाव होना चाहिए, ताकि संकट और आपातकाल के समय समाज संगठित होकर खड़ा रह सके।
कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन, कृषि और रोजगार जैसे सीमा क्षेत्र के मूलभूत मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सीमा क्षेत्र केवल सुरक्षा की दृष्टि से नहीं, बल्कि विकास की दृष्टि से भी मजबूत होना चाहिए।
तहसील उपाध्यक्ष मांगू सिंह ने समिति के कार्यक्रमों को समय पर शत-प्रतिशत पूरा करने का आह्वान किया। सम्मेलन के अंत में दुर्गादास टावरी ने सभी कार्यकर्ताओं और अतिथियों का आभार जताया।
सम्मेलन में तहसील संपर्क प्रमुख दुर्गादास टावरी, अगर सिंह, सह मंत्री राजेंद्र पालीवाल, गजेंद्र सिंह, युवा आयाम प्रमुख आवडदान सिंह साकड़िया, कैलाश स्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सरहद की रेत से उठा संदेश — “सजग युवा ही सुरक्षित राष्ट्र की पहचान”

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