TONK // खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर टोंक में हुई गहन चर्चा, जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

टोंक जिला परिषद सभागार में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्रीय कल्याण योजना (डीएमएफटी) को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा, जिला प्रमुख सरोज बंसल और जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यशाला में योजना के नवीन प्रावधानों, आय-व्यय, पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री खनिज कल्याण योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का पर्यावरण, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक स्तर सुधारना है।
इस अवसर पर कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि अब डीएमएफटी योजना में बड़ा परिवर्तन किया गया है। पहले माइंस विभाग के अधिकारी मेंबर सेक्रेटरी रहते थे, लेकिन अब जिला परिषद सीईओ को मेंबर सेक्रेटरी बनाया गया है। साथ ही गवर्निंग काउंसिल और मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया है, जो यह तय करेगी कि फंड का उपयोग कहां और किस क्षेत्र में किया जाएगा।
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गौरतलब है कि डीएमएफटी फंड (जिला खनिज फाउंडेशन फंड) खनन पट्टाधारकों से प्राप्त राशि से संचालित होता है। इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, आजीविका सृजन और पर्यावरण बहाली जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। कार्यशाला में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस योजना के अंतर्गत किए जाने वाले विकास कार्यों और नई व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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टोंक से अशोक शर्मा की रिपोर्ट
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