BIKANER// नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा विस्तृत एडवाइजरी जारी-प्रकाश पाश क्रिया व रासायन से करें नियंत्रण

बीकानेर जिले में खरीफ फसल ग्वार, बाजार, मोठ, मुंगफली इत्यादि में कहीं-कहीं कातरा के प्रकोप की सूचना प्राप्त होने पर कृषि विभाग व कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में किसानों के खेतों पर रैपिड रोविंग सर्वे कर कातरा के प्रकोप का स्तर जाना व नुकसान क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया।
जिले में श्रीडूंगरगढ़ के खेतों में कातरा का प्रकोप बिखरे हुए क्षेत्र में नजर आया है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि कैलाश चौधरी के अनुसार कातरा कीट के पतंगे वर्षा ऋतु की शुरुआत में विशेष रूप से पहली अच्छी वर्षा के बाद जमीन से निकलते हैं और प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं। कातरा कीट खरीफ फसलों में मोठ, मूंग, बाजरा, ग्वार, तिल की फसलों के लिए नुकसानदायक है।
सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि मानसून की शुरुआत में कातरे के पतंगे जमीन से निकलते हैं। खरीफ की फसलों को खासतौर से दलहनी फसलों में कातरे का प्रकोप होता है। इसकी रोकथाम प्रकाश पाश क्रिया से संभव है। पतंगों को प्रकाश की ओर आकर्षित करें। खेत की मेड़ों, चारागाहों व खेतों में गैस, लालटेन या बिजली का बल्ब जलायें (जहां बिजली की सुविधा हो) तथा इनके नीचे मिट्टी के तेल मिले पानी की परात रखें ताकि रोशनी पर आकर्षित हो एवं जलकर नष्ट हो जायें।
बीकानेर से शिव तवानिया की रिपोर्ट
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