BARAN // खंडहरों में ‘मौत का तांडव’: कवाई ग्राम पंचायत में प्रशासन की घातक अनदेखी

बारां जिले के अटरू की ग्राम पंचायत का कवाई का नर्सिंग चौक, जो एक समय स्थानीय जीवन और गतिविधियों का केंद्र था, आज मौत का कुआं बन चुका है। यहां स्थित दशकों पुराने खंडहर अब केवल ढही हुई दीवारें नहीं हैं, बल्कि यह मौत के ऐसे जाल में तब्दील हो चुके हैं, जिनमें किसी भी वक्त जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

इन खंडहरों की दीवारें इतनी जर्जर हैं कि किसी भी समय गिर सकती हैं। इसके अलावा, ये अब साँपों और बिच्छुओं का स्थायी ठिकाना बन चुके हैं। स्थानीय बच्चों को इन खतरों की जानकारी नहीं होती, और वे इन्हीं खंडहरों में खेलते देखे जाते हैं। यह स्थिति एक खुलेआम जानलेवा खतरे को जन्म दे रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को इस स्थिति की पूरी जानकारी है, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायतें, निवेदन और गुहार — सब कुछ किया गया, लेकिन जवाब में केवल चुप्पी मिली। लोगों का मानना है कि यह लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई अनदेखी है गंभीर चिंता का विषय यह है कि इन्हीं खंडहरों के पास से जलझूलनी एकादशी, गणेश चतुर्थी जैसे भव्य धार्मिक जुलूस निकलते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।
यदि ऐसे समय पर कोई दीवार गिर गई तो एक बड़ा हादसा अवश्यंभावी है। सवाल उठता है — क्या प्रशासन किसी ‘महाकांड’ का इंतजार कर रहा है? हाल ही में हुई भारी बारिश ने इन खंडहरों की हालत और भी खराब कर दी है। दीवारों में दरारें बढ़ गई हैं, नींव कमज़ोर हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। स्थानीय लोगों की चेतावनी साफ़ है — अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रशासन को इसकी पूर्ण जिम्मेदारी लेनी होगी।
https://www.instagram.com/chanakya_news_india_rajasthan/
https://www.facebook.com/profile.php?id=61566375107356
बारां से राजेश कुमार मंगल की रिपोर्ट