BANSWARA // बांसवाड़ा-डूंगरपुर संगम स्थल का संगमेश्वर महादेव मंदिर माही बांध के गेट खुलने से जलमग्न

महादेव की जल समाधि 8 माह बाद होंगे दर्शन बांसवाड़ा-डूंगरपुर की सीमा और गुजरात की बॉर्डर पर अनास, जाखम और माही के संगम स्थल पर बिराजे संगमेश्वर महादेव श्रावण माह के अंतिम दिन शनिवार को भक्तों को दर्शन देने के बाद जल समाधि में चले गए।

चीखली-आनंदपुरी के बीच भेसाव गांव के पास स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर माही बांध के गेट खुलने की वजह से जलमग्न हो गया। अब 8 माह बाद गर्मी में दर्शन हो पाएंगे। यह क्षेत्र गुजरात के कडाणा बांध का बेकवाटर भी कहलाता है।
जिसका जलस्तर जब 400 फीट से कम होता है, तब यह मंदिर दर्शन के लिए खुलता है। मंदिर की शिल्पकला इस तरह से है कि 8 माह तक पानी में डूबे रहने के बावजूद शिवालय को कोई नुकसान नहीं होता है। मंदिर को ईंटों व पत्थरों के ऊपर चूने की कलाई से शिल्पकारी की गई है।
संगमेश्वर मन्दिर में पानी नहीं होने पर होली से दो दिन पहले आमलि का मेला लगता मंदिर में पानी होता है तो पास में भेसाव में मेला लगता है जहां पर गुजरात एमपी से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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बाँसवाड़ा के अरथूना से अब्दुल कमाल कि रिपोर्ट