agra जेल में फुटवियर कंपनी के मालिक की मौत, स्ट्रेचर पर छोड़ जेलकर्मी भागे

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aagra। ताजनगरी के फुटवियर निर्माता रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल विजय तोमर की संदिग्ध परिस्थितियों में जिला जेल में मौत हो गई। बुधवार को उनकी रिहाई होनी थी। दोपहर में जेलकर्मी उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर ही छोड़कर चले गए। जेल से आए फोन के बाद कर्नल तोमर के परिजन इमरजेंसी पहुंचे। तब तक उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि कर्नल तोमर की मौत जेल के अंदर ही हुई है। हालांकि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम होने के बाद ही चल सकेगा।
लेफ्टिनेंट कर्नल तोमर मूल रूप से मध्य प्रदेश के अंबाह के रहने वाले थे। वह वर्तमान में आगरा में राजपुर चुंगी के पास स्थित गुलमोहर एंक्लेव में रहते थे। सेना से रिटायरमेंट के बाद जूते का बिजनेस शुरू किया था। वह जूते एक्सपोर्ट करते थे। कर्नल तोमर को आर्थिक धोखाधड़ी के आरोपों में इसी साल 23 जुलाई को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था। इनके इनके खिलाफ धारा 409 के तहत गैर जमानती वारंट थे।
राना ओवरसीज कंपनी ने विजय तोमर की कंपनी एबीएस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी और रकम न देने का आरोप लगाया था। इस मामले में पिछले साल सितंबर माह में अदालत के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस में 2.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने गैर जमानती वारंट के आधार पर विजय तोमर को अरेस्ट कर लिया था। परिजनों का कहना है कि उन्हें सूचना दी गई थी कि कर्नल तोमर की तबीयत खराब है। परिजनों को इमरजेंसी में विजय पाल सिंह तोमर का शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला। वहां जेल का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था


aagra। ताजनगरी के फुटवियर निर्माता रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल विजय तोमर की संदिग्ध परिस्थितियों में जिला जेल में मौत हो गई। बुधवार को उनकी रिहाई होनी थी। दोपहर में जेलकर्मी उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर ही छोड़कर चले गए। जेल से आए फोन के बाद कर्नल तोमर के परिजन इमरजेंसी पहुंचे। तब तक उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि कर्नल तोमर की मौत जेल के अंदर ही हुई है। हालांकि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम होने के बाद ही चल सकेगा।
लेफ्टिनेंट कर्नल तोमर मूल रूप से मध्य प्रदेश के अंबाह के रहने वाले थे। वह वर्तमान में आगरा में राजपुर चुंगी के पास स्थित गुलमोहर एंक्लेव में रहते थे। सेना से रिटायरमेंट के बाद जूते का बिजनेस शुरू किया था। वह जूते एक्सपोर्ट करते थे। कर्नल तोमर को आर्थिक धोखाधड़ी के आरोपों में इसी साल 23 जुलाई को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था। इनके इनके खिलाफ धारा 409 के तहत गैर जमानती वारंट थे।
राना ओवरसीज कंपनी ने विजय तोमर की कंपनी एबीएस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी और रकम न देने का आरोप लगाया था। इस मामले में पिछले साल सितंबर माह में अदालत के आदेश पर थाना सिकंदरा पुलिस में 2.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने गैर जमानती वारंट के आधार पर विजय तोमर को अरेस्ट कर लिया था। परिजनों का कहना है कि उन्हें सूचना दी गई थी कि कर्नल तोमर की तबीयत खराब है। परिजनों को इमरजेंसी में विजय पाल सिंह तोमर का शव स्ट्रेचर पर पड़ा मिला। वहां जेल का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था

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